Skip to main content

Special for mother's day ❤️❤️❤️



ईश्वर जरुर माँ जैसे दिखते होंगे


हर एक के जीवन में मां एक अनमोल इंसान के रूप में होती है जिसके बारे में शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान हर किसी के साथ नहीं रह सकता इसलिए उसने मां को बनाया। एक मां हमारे जीवन की हर छोटी बड़ी जरूरतों का ध्यान रखने वाली और उन्हें पूरा करने वाली देवदूत होती है। कहने को वह इंसान होती है, लेकिन भगवान से कम नहीं होती। मां ही मन्दिर है और मां ही पूजा है और मां ही तीर्थ है। 





कहते हैं दुनिया में माँ की मोहब्बत का कोई वार नही है। 
जब दवा काम न आये तब नजर उतारती हैं, ये माँ हैं साहब हार कहाँ मानती हैं। मां का आँचल अपनी संतान के लिए कभी छोटा नहीं पड़ता। माँ का विश्वास और प्रेम अपनी संतान के लिए इतना गहरा और अटूट होता है कि माँ अपने बच्चे की खुशी के खातिर सारी दुनिया से लड़ सकती है। वो एक अकेली बहुत होती है बुरी नजरों और दुनिया के स्वार्थ से अपनी औलाद को बचाने के लिए।  




मदर्स डे क्यों मनाया जाता है?

मदर्स डे को लेकर कई मान्यताएं हैं। कुछ का मानना है कि मदर्स डे के इस खास दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वर्जिनिया में एना जार्विस नाम की महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की। कहा जाता है कि एना अपनी मां से बहुत प्यार करती थी और उनसे बहुत प्रेरित थी। उन्होंने कभी शादी नहीं की और मां का निधन हो जाने के बाद उनके प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस खास दिन की शुरुआत की। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को वर्जिन मेरी का दिन मानते हैं। यूरोप और ब्रिटेन में मदरिंग संडे भी मनाया जाता है।



      
हर रिश्ते में मिलावट देखी, कच्चे रंगों की सजावट देखी, लेकिन सालों साल देखा है मां को, उसके चेहरे पर ना कभी थकावट देखी, ना ममता में कभी मिलावट देखी| ❤️

किसी का दिल तोडना आज तक नही आया मुझे,प्यार करना जो अपनी ‪माँ‬ से सीखा है मेने…❤️❤️  

ऊपर जिसका अंत नहीं, उसे आसमान कहते है,
जहां में जिसका अंत नहीं, उसे मां कहते है। ❤️❤️ 




                                                           By. Kajal Gupta.

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

ज़िंदगी है दोस्ती। 👫 ❤️

                           👫  यारों की यारी 👫       " जिसे दिल की कलम ओर मोहब्बत की इंक कहते है। जिसे        लम्हों की किताब ओर यादों का कवर कहते है। यही वो                  सब्जेक्ट है जिसे दोस्ती कहते है।" 👫👫  🤝   ज़िंदगी हमे ये चुनने का अवसर नहीं देती कि हमारे मम्मी   पापा कोन हो हमारे भाई बहन कोन हो या फिर हमारे मामा मामी, चाचा चाची कोन हो। सिर्फ दो ऐसे रिश्ते है जो हम खुद बनाते है एक जीवनसाथी (Life Partner) और दूसरा दोस्त (Friends) कई  बार जीवनसाथी भी माता पिता के दुआरा जोड़ दिया जाता है। तो हमारी ज़िंदगी में हमारी पसंद के बस दोस्त (Friends) रह जाते है। 👫       " दिन बीत जाते है सुहानी यादे बनकर,          बाते रह जाती है कहानी बनकर,          पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे,          कभी मुस्कान तो कभी आंखो का पानी बन कर।"                      "दोस्ती  भी क्या गज़ब की चीज़ होती है मगर ये भी बहुत कम लोगों को नसीब होती है जो पकड़ लेते है ज़िन्दगी में दामन इसका समझ लो के जन्नत उनके बिलकुल करीब

देश का बजट।

देश का बजट  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया है। इस बार उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था। इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है यह एक भारतीय परंपरा है यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है। सीतारमण से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केंद्रीय बजट पेश करने वाली अब तक की और एकमात्र महिला थीं। 1970 में गांधी ने वित्त वर्ष 1970-71 का बजट पेश किया था।   तो चलिए जानते हैं मोदी सरकार के इस बजट की अहम बातें- ▶️  देश में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने के लिये बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। विदेशी छात्रों को भारत में अध्ययन के लिये आकर्षित किया जायेगा। ▶️  वित्त मंत्री ने एलान किया कि जनधन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी।